Dalit Rajniti Ki Samasyayen
ISBN
9788181434555
Publisher
Vani Prakashan
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Vani Prakashan
आज के प्रश्न - दलित राजनीति की समस्याएँ - दलित राजनीति से उम्मीद थी कि वह न केवल दलितों का संगठन करेगी और उन्हें अन्याय से संघर्ष करने के लिए प्रेरित करेगी, बल्कि देश के लिए एक नयी राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था प्रस्तावित करेगी, जो स्वतन्त्रता, समानता और भाई-चारे पर आधारित हो। दलित राजनीति में आज ये स्वर क्यों नहीं सुनाई पड़ रहे हैं ? इस स्थिति का रहस्य क्या है कि जैसे-जैसे दलित आन्दोलन मजबूत हो रहा है, वैसे-वैसे दलित राजनीति आदर्शविहीन और व्यक्तिवादी होती जा रही है? दलित राजनीति से जुड़े तमाम प्रश्नों की विचारोत्तेजक पड़ताल।
ISBN | 9788181434555 |
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